Monday, October 17, 2011

नन्हा जासूस बबलू - मधुमुस्कान



नन्हा जासूस बबलू - मधुमुस्कान

दोस्तों , आपके साथ आज मैं नन्हा जासूस बबलू को share कर रहा हूँ. ये मेरे मनपसंद कॉमिक चरित्र है . ये मधुमुस्कान नाम की एक बहुत अच्छी पत्रिका में छपते थे , जो की मुझे तब भी पसंद थी और आज भी . कही मिल जाए तो मैं भूखे  की तरह झपट लेता हूँ. अगर किसी के पास हो तो मुझे जरुर भेजे . तो "नन्हा जासूस बबलू" और " फ़िल्मी रिपोर्टर कलमदास "  नामक दो कॉमिक चरित्र श्री हुसैन जामिन बनाते थे. और मुझे इस बात की बहुत ख़ुशी है की वो हमारे बीच है . मेरा सलाम श्री हुसैन  जामिन  को . तो आईये और मेरे संग एक पुराने सफ़र पर चले . हममे से कोई ऐसा नहीं होंगा , जो नन्हे जासूस  बबलू को पढ़कर प्रेरित न हुआ होंगा .  आपसे निवेदन है की इन्हें देखकर कुछ कमेन्ट जरुर करे. धन्यवाद. 

7 comments:

Husain Zamin said...

Aapke prembhav se aaj main bhaavuk ho gaya hoon, Vijay Sappati ji.....Aap jaise prashansakon se hi hum chitrakaaron ko prerna milti hai...
Bahot jald hi meri ek comic market mein aa rahi hai...aasha hai aapko pasand aayegi....Dhanyawaad!!!

Pallavi said...

अच्छा लगा जानकर आपको भी मेरी तरह बचपान की स्म्रतियाँ याद करने में मज़ा आता है मुझे केवल चिकू याद है थोड़ा बहुत... क्यूँकि मुझे चाचा चौधरी और चंपक ज्यादा पसंद हुआ करती थी ....
समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
http://mhare-anubhav.blogspot.com/2011/10/blog-post_18.html

प्रेम सरोवर said...

क्या बात है । आपेक पोस्ट ने बहुत ही भाव विभोर कर दिया । मेरे नए पोस्ट पर आपका आमंत्रण है ।

Ravi kant yadav justiceleague said...

कृपया मेरी रचना भी देखे अच्छी लगे तो जुड़े

ashabd said...

वह मजा आ गया...

DrZakir Ali Rajnish said...

Bachpan ke din yaad aa gaye.

............
कितनी बदल रही है हिन्‍दी !

imran said...

mene apne bachpan me inko bahut padha.. sachh batau to me aaj b inko miss karta hu..aaj fir inko dekha to mujhe apne purane din yaad aa gye..thnk u jamin sahab...aapki komics ko me kese padh sakta hu ..plz jarur batae...me vapas comics padna chahta hu..thank u again.